गाजियाबाद: भीषण गर्मी के बीच लोनी नगर क्षेत्र के वार्ड-44 स्थित जीवन गेट, अल्फला मस्जिद और जूही इलाके के लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है। क्षेत्र में पिछले करीब 10 दिनों से ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित है। लगातार बिजली बाधित रहने से हजारों परिवारों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार सभी इस समस्या की चपेट में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे बिजली लोड को देखते हुए पूर्व में नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। लोगों के अनुसार यह कार्य भाजपा पार्षद कविता जयवीर बंसल के प्रयासों से हुआ, लेकिन ट्रांसफॉर्मर की क्षमता पर्याप्त नहीं होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। परिणामस्वरूप बिजली व्यवस्था फिर चरमरा गई और क्षेत्र अंधेरे में डूब गया।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से केवल औपचारिक आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिरिक्त क्षमता वाला ट्रांसफॉर्मर या वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाती, तो लोगों को इतने लंबे समय तक परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
बिजली संकट का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। लगातार बिजली न रहने से पानी की आपूर्ति बाधित है, इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और रात में लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
क्षेत्र के नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि उनकी नाराजगी केवल बिजली विभाग की कार्यशैली और समस्या के समाधान में हो रही देरी को लेकर है। उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता से आम जनता परेशान है और शासन की छवि भी प्रभावित हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वार्ड-44 में तत्काल अधिक क्षमता वाला अथवा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जाए, बिजली आपूर्ति बिना विलंब बहाल की जाए तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत बड़े स्तर पर जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


