महराजगंज: नौतनवा विकास खंड के ग्राम पंचायत रतनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय एवं कम्पोजिट विद्यालय की साझा बाउंड्रीवॉल रविवार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घटना उस समय हुई जब विद्यालय बंद था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना ने विद्यालय में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए सुदृढ़ीकरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों विद्यालय एक ही परिसर में संचालित होते हैं। दक्षिण दिशा में बनी करीब 50 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल वर्षों पुरानी थी, जिसे पिछले वर्ष ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत मजबूत करने और मरम्मत का कार्य कराया गया था। लेकिन महज एक वर्ष के भीतर ही दीवार का ढह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों से बारिश का पानी जमा था। लगातार जलभराव से दीवार की नींव कमजोर होती चली गई। रविवार रात हुई तेज बारिश के बाद पानी का दबाव बढ़ा और दीवार उसे सहन नहीं कर सकी, जिसके चलते पूरी संरचना धराशायी हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय परिसर में समय रहते जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था की गई होती, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका यह भी कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि ऐसे संस्थानों से बच्चों की सुरक्षा सीधे जुड़ी होती है।
हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि यह घटना विद्यालय संचालन के दौरान होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा, जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने तथा विद्यालय परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


