गोरखपुर: पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से तहसील भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ईआरओ एवं सदर अपर उपजिलाधिकारी सुजीत तिवारी ने की। इस दौरान पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना और इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को समाप्त करना रहा। ईआरओ ने फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 से जुड़ी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब प्रत्येक योग्य नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
ईआरओ सुजीत तिवारी ने सभी बीएलओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करें और नए मतदाताओं का पंजीकरण पूरी गंभीरता के साथ कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि नए मतदाता का नाम जोड़ते समय वर्ष 2003 की मतदाता सूची में परिवार के किसी सदस्य के नाम की उपलब्धता अवश्य जांची जाए, जिससे आवेदक की पहचान और निवास का सत्यापन सुगम हो सके।
बैठक में बताया गया कि फॉर्म 6 के अंतर्गत आवेदन करते समय आयु एवं निवास प्रमाण पत्र के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है। बिना घोषणा पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, फॉर्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने और फॉर्म 8 के जरिए नाम, पता, फोटो अथवा अन्य विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अंत में ईआरओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी मजबूत करती है।


