गोरखपुर: आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने जनसुनवाई के दौरान सक्रिय और संवेदनशील कार्यशैली का परिचय दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इस पूरी प्रक्रिया पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से सीधे नजर बनाए हुए थे।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। भूमि विवाद, लंबित विवेचनाएं, मुकदमों में प्रगति न होना, पारिवारिक विवाद, मारपीट, साइबर अपराध, धोखाधड़ी और थानों पर सुनवाई न होने जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं। एसएसपी ने हर फरियादी की बात ध्यान से सुनी और संबंधित क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी व विवेचक को फोन पर स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कई मामलों में एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों से सीधे फरियादियों की बातचीत कराई, ताकि जमीनी हकीकत तुरंत सामने आ सके। उन्होंने दो टूक कहा कि पीड़ितों को अनावश्यक रूप से थानों के चक्कर न लगाने पड़ें और हर शिकायत का समाधान तय समयसीमा में हो।
मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी के चलते पुलिस अधिकारियों में अतिरिक्त तत्परता दिखाई दी। कुछ प्रकरणों में मुख्यमंत्री ने स्वयं अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त हर शिकायत का विधिवत पंजीकरण किया जाएगा और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा होगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई से जुड़े मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारित करें और फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखें।
जनसुनवाई के दौरान कई फरियादियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया। गोरखपुर एसएसपी कार्यालय में आयोजित यह जनसुनवाई न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बनी, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत करती नजर आई। मुख्यमंत्री की सतत निगरानी और पुलिस प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट संदेश गया कि शासन-प्रशासन जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


