कुशीनगर: होली के त्योहार पर इस बार कुशीनगर में शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, होली के आसपास के दिनों में जिले में शराब की बिक्री से 6 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार कुल बिक्री में लगभग 3 करोड़ रुपये की देसी शराब, करीब 2.5 करोड़ रुपये की अंग्रेजी शराब और शेष राजस्व बीयर की दुकानों से आया है। इस बार खास बात यह रही कि अंग्रेजी शराब की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से अपने गांव लौटे थे। इनमें अंग्रेजी शराब के शौकीनों की संख्या अधिक होने के कारण इसकी मांग बढ़ी। पहले के वर्षों में त्योहारों के दौरान देसी शराब की बिक्री सबसे अधिक होती थी, लेकिन इस बार रुझान में बदलाव देखने को मिला और अंग्रेजी शराब की बिक्री तेजी से बढ़ी।
अवैध शराब पर सख्ती का दिखा असर
आबकारी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि त्योहार से पहले चलाए गए छापेमारी अभियान, कालाबाजारी पर नियंत्रण और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी सकारात्मक असर पड़ा। इसके चलते अधिकांश बिक्री लाइसेंसी दुकानों से हुई, जिससे राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बिहार की राजनीति से दुकानदारों की चिंता बढ़ी
इधर कुशीनगर में इन दिनों शराब की दुकानों के लाइसेंस नवीनीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच बिहार में सरकार बदलने और वहां शराबबंदी हटने की संभावनाओं को लेकर सीमावर्ती इलाकों के दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।
दुकानदारों का कहना है कि वर्तमान में बिहार से बड़ी संख्या में लोग कुशीनगर आकर शराब खरीदते हैं, जिससे खासकर बिहार सीमा से सटी दुकानों की बिक्री अधिक रहती है। यदि बिहार में शराबबंदी समाप्त हो जाती है, तो वहां के लोग अपने ही राज्य में शराब खरीदने लगेंगे, जिससे कुशीनगर की दुकानों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।


