महराजगंज: पनियरा क्षेत्र के ग्राम कमसिन खुर्द स्थित गौ संरक्षण केंद्र में एक बछड़े की मौत का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने गौशाला में पशुओं की देखभाल में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
गुरुवार को गौशाला में एक पशु की मौत की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप है कि मृत बछड़ा कई दिनों से गौशाला परिसर में पड़ा हुआ था और उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। मौके पर दुर्गंध और गंदगी का आलम था, जबकि मृत पशु पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर उपचार और देखभाल होती तो बछड़े की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर गौशालाओं का संचालन करा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बदहाल नजर आ रही हैं। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और समुचित देखभाल की व्यवस्था नहीं दिखाई दी। गौशाला परिसर में केवल भूसा मौजूद था, जबकि हरे चारे और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव दिखा।
मौके पर मौजूद पशु देखभाल कर्मी शंकर और रामलाल ने बताया कि गौशाला में पहले करीब 28 पशु रखे गए थे। लगभग एक सप्ताह पूर्व अधिकांश पशुओं को फरेंदा स्थित बृहद गौशाला मधुकर महदेवा भेज दिया गया था। हालांकि तीन घायल पशुओं को वापस कमसिन खुर्द में ही रखा गया था। उन्हीं में से एक बछड़े की गुरुवार को मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृत पशु को देर शाम गांव के बाहर दफनाने की तैयारी की जा रही थी।
इस मामले में सहायक राजस्व निरीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि कमसिन खुर्द स्थित काजी हाउस एवं गौ संरक्षण केंद्र को बंद कर दिया गया है। यहां से अधिकांश पशुओं को फरेंदा भेजा जा चुका है, जबकि घायल पशुओं को वापस रख दिया गया था। वहीं इस मामले पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया मिश्रा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


