कुशीनगर: ऊर्जा विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। कुशीनगर में संगठन की जिला इकाई की बैठक में आगामी 13 अगस्त को प्रदेशव्यापी एकदिवसीय सत्याग्रह को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में जिलेभर से पहुंचे संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों ने एकजुट होकर संगठन की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक राय ने की, जबकि संचालन जोन प्रभारी विनोद श्रीवास्तव ने किया। बैठक में संगठन के प्रदेश प्रभारी पुनीत राय, पूर्वांचल प्रभारी संदीप कुमार और पूर्वांचल अध्यक्ष संजय सिंह बतौर प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
आउटसोर्स निगम में शामिल करने की मांग
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी पुनीत राय ने कहा कि सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम में ऊर्जा विभाग के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभागीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य और अधिकारों को लेकर सरकार को स्पष्ट एवं ठोस निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर संगठन लगातार शासन और विभाग के समक्ष अपनी बात रख रहा है। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
13 अगस्त को प्रदेशभर में सत्याग्रह
बैठक में कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार ने ऊर्जा विभाग के सभी आउटसोर्स कर्मियों को आउटसोर्स निगम में शामिल करने की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो 13 अगस्त को प्रदेशभर में एकदिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्याग्रह के बाद भी यदि सरकार ने मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाया, तो विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेशव्यापी बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
निष्कासित कर्मचारियों की बहाली का मुद्दा भी उठा
बैठक में कुशीनगर जनपद में बिना किसी स्पष्ट कारण निष्कासित किए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की तत्काल पुनर्बहाली की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। संगठन ने कहा कि जिन कर्मचारियों को अनुचित तरीके से हटाया गया है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला मजबूती से रखा जाएगा।
इसके साथ ही ऊर्जा जनशक्ति ऐप में फेशियल अटेंडेंस की इन-आउट व्यवस्था से कर्मचारियों को हो रही व्यावहारिक परेशानियों पर भी चर्चा की गई। कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं पदाधिकारियों के सामने रखीं और इनके समाधान की मांग की।
कर्मचारियों की समस्याओं पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प
बैठक के दौरान संगठन ने स्पष्ट किया कि संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को शासन और विभाग के समक्ष लगातार उठाया जाएगा। पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकार, सम्मान और रोजगार से जुड़े मामलों में संगठन हर स्तर पर उनके साथ खड़ा रहेगा।


