गाजियाबाद: जनपद में औद्योगिक विकास को नई गति देने और उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, उद्यमियों तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उद्यमियों की शिकायतों और लंबित मामलों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण हो। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग बंधु बैठक में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का 15 दिनों के भीतर समाधान कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदनों का भी निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
यूपीसीडा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उपमहाप्रबंधक (सिविल-प्रथम) सलिल यादव को मुख्यालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी करते हुए शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के साइट-4 स्थित यूपीसीडा पार्क में अवैध कब्जे की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपमहाप्रबंधक यूपीसीडा एवं सदर उपजिलाधिकारी को संयुक्त पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में गुलधर और दुहाई औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर मेरठ रोड पर जल निकासी की पुरानी समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति में लोक निर्माण विभाग, आरआरटीएस, विद्युत, जलकल और उद्योग विभाग के अधिकारी शामिल होंगे, जो समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना और लागत का प्रस्ताव तैयार करेंगे।
यूपीसीडा क्षेत्रों के समीप नगर निगम के डम्पिंग यार्ड से फैल रही दुर्गंध को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने यार्ड को पूरी तरह ढकने, कचरे के नियमित निस्तारण तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त सिकहेड़ा रोड औद्योगिक क्षेत्र के प्रवेश द्वार के चौड़ीकरण के लिए अधिशासी अधिकारी मोदीनगर को व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। वहीं लोनी तिराहे पर नो-एंट्री अवधि के दौरान औद्योगिक वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एसीपी यातायात सुचेता सिंह को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि उद्योगों की प्रगति ही जिले के आर्थिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने सभी विभागों से बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और उद्यमियों को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन उद्योगों के लिए पारदर्शी, सुगम और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


