गाजियाबाद: राजधानी दिल्ली से सटे लोनी उपसंभाग में 15 जुलाई से 28 जुलाई 2026 के बीच कानून व्यवस्था सामान्य बनी रही। इस दौरान लोनी, टोनिका सिटी, लोनी बॉर्डर और अंकुर विहार थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और विशेष चेकिंग अभियान चलाकर असामाजिक तत्वों पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि चोरी, मोबाइल स्नैचिंग और स्थानीय विवादों जैसी छिटपुट घटनाएं सामने आईं, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते किसी बड़ी आपराधिक वारदात की सूचना नहीं मिली।
लोनी थाना क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियों से चोरी और मोबाइल छिनैती की कुछ शिकायतें दर्ज हुईं। पुलिस ने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू की और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है।
औद्योगिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध टोनिका सिटी थाना क्षेत्र में फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाकर श्रमिकों तथा मालवाहक वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंकाओं को कम किया जा सके।
दिल्ली सीमा से जुड़े लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब, नशीले पदार्थों की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच और तलाशी अभियान के माध्यम से संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखी गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
वहीं, तेजी से विकसित हो रहे अंकुर विहार थाना क्षेत्र में आवासीय सोसायटियों की सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू और आपसी विवादों के मामलों में पुलिस ने त्वरित हस्तक्षेप किया। समय रहते कार्रवाई किए जाने से कई मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो गया और स्थिति सामान्य बनी रही।
जमीनी हकीकत क्या कहती है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और विशेष अभियानों से अपराधियों में भय का माहौल बना है, जिससे बड़ी वारदातों में कमी आई है। हालांकि संकरी गलियों, सुनसान स्थानों और कम रोशनी वाले क्षेत्रों में मोबाइल स्नैचिंग तथा छोटी चोरी की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार, बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और पुलिस रिस्पांस टाइम (PRV) को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
कुल मिलाकर 15 से 28 जुलाई 2026 का यह पखवाड़ा कानून व्यवस्था के लिहाज से संतोषजनक रहा। पुलिस की सक्रियता ने बड़ी घटनाओं पर नियंत्रण बनाए रखा, जबकि छोटे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाना अभी भी प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।


