गाजियाबाद: जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और आगामी चैत्र नवरात्रि को लेकर सुरक्षा तैयारियों पर विस्तार से मंथन किया गया।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने चल रहे अभियानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। ऑपरेशन प्रहार के तहत संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए इसे और तेज करने के निर्देश दिए गए। वहीं ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में मजबूत पैरवी कर अधिक से अधिक दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यक्ष एप पर अपराध और जन शिकायतों की नियमित एवं सटीक फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि हर स्तर पर निगरानी और कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सके।
इसके साथ ही जोनल स्तर पर प्राप्त जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता देने की बात कही गई। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की रणनीति तैयार की गई। पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे सतर्कता, अनुशासन और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात), सभी पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त एवं सहायक पुलिस आयुक्त उपस्थित रहे।
इस समीक्षा बैठक के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध और अव्यवस्था के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।


