गाजियाबाद: तहसील लोनी प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में अवैध कब्जों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक बुजुर्ग की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने डीएलएफ अंकुर विहार के प्रेम विहार स्थित प्लॉट को कब्जा मुक्त कराकर उसकी वास्तविक स्वामिनी को सौंप दिया। इस कार्रवाई को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
माता प्रसाद नामक बुजुर्ग ने उपजिलाधिकारी लोनी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री के नाम दर्ज प्लॉट पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप था कि कब्जाधारी परिवार को प्लॉट पर जाने से रोक रहे थे और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी दीपक सिंहनवाल के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में प्लॉट को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसका कब्जा माता प्रसाद और उनकी पुत्री को सौंप दिया गया।
कार्रवाई के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक सिंहनवाल ने कहा कि तहसील लोनी क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भूमि संबंधी किसी भी विवाद की जानकारी सीधे प्रशासन को दें, ताकि समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस कार्रवाई से उन लोगों में भरोसा बढ़ा है जो लंबे समय से अपनी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें लेकर प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। साथ ही प्रशासन ने यह संदेश भी दिया है कि कमजोर, बुजुर्ग और महिलाओं की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानून पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा।


