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  • July 15, 2026
  • Last Update July 14, 2026 10:20 PM
  • Lucknow

सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं, जेल जाने से पहले राजपाल यादव का दर्दभरा बयान, जानिए स्टारडम के पीछे छुपी मजबूरी?

सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं, जेल जाने से पहले राजपाल यादव का दर्दभरा बयान, जानिए स्टारडम के पीछे छुपी मजबूरी?

मुंबई: कॉमेडी की दुनिया में एक अलग पहचान बनाने वाले बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी और कानूनी परेशानियों को लेकर चर्चा में हैं। वर्षों पुराने चेक बाउंस मामले में अदालत की सख्ती के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा।

सरेंडर से पहले अभिनेता का छलका दर्द

आत्मसमर्पण से ठीक पहले राजपाल यादव का एक भावुक बयान सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से बेहद दर्द भरे शब्दों में कहा

“सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नज़र नहीं आता। इस हालात से मुझे अकेले ही निकलना होगा।”

उनके ये शब्द साफ तौर पर उस मानसिक और आर्थिक दबाव को दिखाते हैं, जिससे वे इस समय गुजर रहे हैं।

2010 में शुरू हुआ विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिससे अभिनेता को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

चेक बाउंस का मामला

कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने धारा 138 (चेक बाउंस) के तहत राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की, लेकिन मामला वर्षों तक चलता रहा।

9 करोड़ तक पहुंची देनदारी

लंबी कानूनी प्रक्रिया और देरी के कारण बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि इस दौरान राजपाल यादव ने कुछ किस्तों में भुगतान भी किया, जिसमें 2025 में जमा किए गए 75 लाख रुपये शामिल हैं, लेकिन अदालत ने लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लिया।

कोर्ट की सख्ती

4 फरवरी 2026 को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने एक हफ्ते की मोहलत की अंतिम गुहार को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं और लोकप्रियता के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती, जिसके बाद तुरंत सरेंडर का आदेश दिया गया।

मुश्किल दौर से गुजर रहे राजपाल

परदे पर दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव के लिए यह दौर बेहद कठिन साबित हो रहा है। आर्थिक संकट, कानूनी उलझनें और अदालत की सख्ती इन सबके बीच उनका भावुक बयान इस सच्चाई को उजागर करता है कि चमक-दमक की दुनिया के पीछे संघर्ष की एक अलग कहानी भी होती है। अब सबकी निगाहें इस मामले के अगले कानूनी कदम पर टिकी हैं।

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