महराजगंज: जीएसटी सुधारों के लाभ बताने के लिए जिले भर में लगाए गए बड़े-बड़े पोस्टर अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गए हैं। इन पोस्टरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, क्षेत्रीय विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं की तस्वीरें तो मौजूद हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर नदारद है।

मुख्यमंत्री की फोटो गायब होने पर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने नाराज़गी जताई और सवाल खड़े किए हैं। हि.यु.वा. कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो पोस्टर में मुख्यमंत्री का फोटो न होना गंभीर लापरवाही या फिर किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इस पूरे प्रकरण में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने सफाई देते हुए कहा कि वह जिले से बाहर हैं और पोस्टरों की जानकारी उन्हें नहीं है। यह संभवतः मानवीय भूल हो सकती है। वहीं, पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह होर्डिंग न तो केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और न ही पार्टी संगठन की तरफ़ से लगाए गए हैं, जिन नेताओं की फोटो बड़े पैमाने पर लगी है, वही इसकी सही स्थिति बता सकते हैं।
वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि यह महज भूल नहीं हो सकती। अगर गलती होती तो सिर्फ एक-दो पोस्टरों में ही होती, लेकिन पूरे जिले भर में लगाए गए पोस्टरों से सीएम योगी की फोटो का गायब होना कहीं न कहीं इशारा करता है कि इसमें साजिश कोई है।
फिलहाल सीएम योगी की गैरमौजूदगी वाले पोस्टर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं और मामले को लेकर संगठन और पार्टी में खींचतान की स्थिति बन गई है।


