काठमांडू: नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। संसद भंग होने के बाद देश की बागडोर अब पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सौंपी गई है। वे नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनी हैं। कार्की आगामी आम चुनाव तक देश का नेतृत्व करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव अगले छह महीने से लेकर एक साल के भीतर कराए जा सकते हैं।
आंदोलनकारियों की सहमति के बाद नियुक्ति
जेन-जी आंदोलनकारियों के बीच सुशीला कार्की के नाम को लेकर आम सहमति बनी थी। इसके बाद से ही उनके अंतरिम प्रधानमंत्री बनने की संभावना प्रबल हो गई थी। अंततः उन्हें कार्यवाहक सरकार का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया।
सुशीला कार्की का सफर
शिक्षा: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर।
कैरियर की शुरुआत: 1979 में वकालत से।
न्यायपालिका में योगदान: 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश रहीं।
विवाद: 2017 में उन पर कार्यपालिका में हस्तक्षेप और पूर्वाग्रह के आरोप लगाते हुए महाभियोग लाया गया था।
नेपाल के लिए ऐतिहासिक क्षण
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब किसी महिला को प्रधानमंत्री पद पर बैठने का अवसर मिला है। कार्की की नियुक्ति को न केवल राजनीतिक सहमति का प्रतीक माना जा रहा है, बल्कि इसे नेपाल में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी संकेत समझा जा रहा है।


