मुज्ज़फरनगर: गरीब लोगों से उनके बैंक खाते खरीदकर विदेश में बैठे साइबर ठगों को बेचने वाले मास्टरमाइंड अंकित तोमर (26) को मुज्ज़फरनगर साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बामनौली, बागपत का निवासी है और अब तक 200 से अधिक खाते खरीदकर साइबर ठगों को भेज चुका है। पुलिस को उसकी डायरी में पांच करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की ठगी का हिसाब मिला है।
इस मामले में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर अंकित को शामली बाईपास के पास शाहपुर कट से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 32 बैंक खातों के एटीएम, 26 सिम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक पासबुक, दो चेक बुक, एक डायरी, एक बिल बुक, एक स्टांप, दो फर्जी आधार कार्ड, एक वाई-फाई, आई-10 कार और 2,540 रुपये बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर के लोगों से लगभग 150 खाते खरीदे थे। गरीब लोगों को अपने जाल में फंसाकर वह खातों को 10 हजार रुपये तक में खरीदता था और उन्हें ऑनलाइन गेम से पैसे आने का झांसा देता था। खरीदे गए खातों को तमिलनाडु, बंगलूरू, चेन्नई और गुजरात में बैठे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया जाता था।
अंकित तोमर ने एटीएम अपने पास रख लिए थे और खातों से निकाले गए कुछ रुपये अपने खाते में जमा कर लिए थे। इसी लालच में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
26 वर्षीय अंकित तोमर 12वीं पास हैं और पहले सेना में जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण वह सेना में शामिल नहीं हो सके। कोरोना काल में उन्हें इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए केलविन नामक विदेश में बैठे साइबर ठग से संपर्क मिला और इसके बाद उन्होंने यह अपराधी धंधा शुरू किया।


