आगरा: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले गैंग के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ डिग्गी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह निवेश और क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी करने का काम करता था। शनिवार को आरोपी को जेल भेज दिया गया।
एडीसीपी सिटी आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 46 से अधिक शिकायतें और 4 केस दर्ज हैं। वह पहले भी दो बार जेल जा चुका है। हाल ही में इसने एयरफोर्स के एक अधिकारी को जाल में फंसाकर 1.96 करोड़ रुपये की ठगी की थी। हालांकि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर 1.78 करोड़ रुपये वापस करा दिए थे।
फरवरी 2024 में जॉर्ज जोसफ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने स्टॉक में निवेश पर अधिक मुनाफा देने का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए। शुरुआती मुनाफा दिखाने के बाद आरोपी ने बड़ा निवेश करा लिया और फिर बातचीत बंद कर दी।
जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र उर्फ डिग्गी ही गैंग का सरगना है। स्नातक पास आरोपी हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषाएं बोलता है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि दुबई समेत अन्य देशों में बैठे उसके साथी आईपीओ, स्टॉक एक्सचेंज और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर लोगों को व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ते हैं। इसके बाद एपीके फाइल भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड करते ही पीड़ितों के मोबाइल और लैपटॉप का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है।
यह गैंग फर्जी पेमेंट गेटवे और यूएसडीटी के जरिए रुपये दुबई ट्रांसफर करता था। आरोपी धर्मेंद्र अनजान लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर गैंग को उपलब्ध कराता और अब तक 80 लाख रुपये कमीशन ले चुका है। बताया जा रहा है कि वह पांच देशों की यात्रा भी कर चुका है।


