आगरा: मथुरा के वृंदावन और अझई स्टेशन के बीच मंगलवार की रात करीब 8:30 बजे हुई मालगाड़ी दुर्घटना के करीब 30 घंटे बाद रेल यातायात बहाल कर दिया गया है। हादसे में 12 डिब्बे पलट गए थे, जिससे आगरा-दिल्ली रेलमार्ग पूरी तरह ठप हो गया और कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द हो गईं या रूट बदलने पड़े।
हालांकि रेल सेवाएं अब बहाल हो चुकी हैं लेकिन यात्रियों को अभी भी समय पर ट्रेनें नहीं मिल रही हैं। मजबूरी में कई यात्री टिकट रद्द कराकर अन्य साधनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। छठ पर्व के मद्देनजर बिहार जाने वाले यात्रियों की स्टेशन पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
आगरा कैंट स्टेशन पर छतरपुर जाने वाली यात्री अमृता राव ने बताया कि उनकी ट्रेन झेलम एक्सप्रेस दोपहर 2:10 बजे आनी थी, लेकिन ट्रेन लगातार देरी कर रही है। मजबूरी में उन्होंने परिवार के साथ झांसी तक टैक्सी से जाने का निर्णय लिया, जिससे उन्हें 5000 रुपये खर्च करने पड़े। वहीं ग्वालियर जाने वाले यात्री अरुण गौतम ने भी बताया कि हादसे के कारण उनकी ट्रेन रद्द हो गई थी और अब उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है।
बहाल हुई ट्रेनें और मार्ग
हादसे के बाद रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में पलवल-आगरा कैंट मेमू, आगरा कैंट-टूंडला मेमू, खजुराहो वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, सोगारिया इंटरसिटी सुपरफास्ट और गतिमान एक्सप्रेस शामिल हैं।
टूंडला मार्ग से चल रही ट्रेनें अब अपने नियत मार्ग पर लौट गई हैं, जिनमें हजूर साहिब एक्सप्रेस, स्वराज एक्सप्रेस, नई दिल्ली-अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, हरिद्वार-मुंबई एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर सुपरफास्ट, दूरंतो एक्सप्रेस और पुणे सुपरफास्ट प्रमुख हैं।
यात्रियों की परेशानी और व्यवस्थाएं
आगरा कैंट स्टेशन पर बनाए गए हेल्प डेस्क पर कर्मचारी नहीं दिखे, जिससे यात्रियों को लेट ट्रेन की जानकारी के लिए भटकना पड़ा। इसके अलावा, छठ पर्व के चलते जिन यात्रियों को रिजर्वेशन नहीं मिला, उन्हें जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ी। बिहार जा रहे यात्री प्रमोद यादव ने बताया कि कई दिन प्रयास के बाद भी आरक्षण नहीं मिला, और उन्हें सामान्य टिकट से यात्रा करना पड़ा।


