गाजियाबाद: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 325 दर्ज किया गया, जिससे यह देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। वहीं, लोनी की हवा सबसे ज्यादा जहरीली पाई गई, जहां AQI 383 तक पहुंच गया। वसुंधरा में 328, इंदिरापुरम में 291 और संजय नगर में 290 का एक्यूआई दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार हवा में मौजूद धूल व धुएं के कण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहे हैं।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम ने शहर में वाटर स्प्रिंकलिंग अभियान शुरू किया है। करीब दस स्प्रिंक्लिंग गाड़ियां सड़कों पर उतारी गई हैं जो रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में छिड़काव कर रही हैं। वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए फैक्ट्रियों को अपने परिसरों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं।
कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने भी प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी से मुलाकात कर हवा की गुणवत्ता सुधारने के सुझाव दिए। फेडरेशन चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने “नो व्हीकल डे” लागू करने, मेट्रो और फ्लाईओवर पिलर्स पर वर्टिकल गार्डनिंग करने तथा हिंडन श्मशान घाट पर मोक्षदा प्रणाली से शवदाह की सिफारिश की।
बढ़ते प्रदूषण के बीच विशेषज्ञों ने नागरिकों को चेताया है कि बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें। खास तौर पर बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि प्रदूषित हवा सांस और हृदय रोगों का खतरा बढ़ा रही है।


