महराजगंज: जिले के कई निजी अस्पतालों में अवैध संचालन, मरीजों से मनमानी वसूली और दलालों की बढ़ती सक्रियता को लेकर विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिला।

संगठन ने ज्ञापन देकर कहा कि लाइफलाइन, आरोग्य, नोवा, सावित्री, गोल्ड और आयुष्मान हॉस्पिटल सहित आधा दर्जन से अधिक संस्थान मानक मापदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि गरीब मरीजों का इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण हो रहा है। कई दलाल सरकारी अस्पतालों में सक्रिय हैं और भर्ती मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं।
आरोप यह भी लगाया गया कि पहले की गई छापेमारियों के बावजूद दोषियों पर बेहद कमजोर कार्रवाई हुई है। कुछ हॉस्पिटल तो सील होने के बाद भी नए नाम से फिर संचालित होने लगे हैं।
संगठन ने एक वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें सुजीत गौड़ नामक व्यक्ति कथित रूप से बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री के खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज और ऑक्सीजन पाइप डालते दिखाई दे रहा है।
वीएचपी-बजरंग दल ने डीएम व CMO से सख्त कार्रवाई, सभी निजी अस्पतालों की पुनः जांच, और दलाल नेटवर्क पर तुरंत रोक की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़े आंदोलन को बाध्य होगा।
इस दौरान राजकुमार, विशाल कुमार, गोविंद सहानी, राजेश निषाद, नरेंद्र पासवान, मंतोष सहानी सहित संगठन के दर्जनभर कार्यकर्ता मौजूद रहे।


