गाजियाबाद: ठंडी हवाओं के चलते जनपद में प्रदूषण का स्तर लगातार नीचे आने लगा है। रविवार को शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 256 दर्ज किया गया, जो नवंबर माह में पहली बार इतना कम हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में AQI में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
लोनी की हवा सबसे ज्यादा दूषित
जिले में चारों मॉनिटरिंग स्टेशनों में लोनी सबसे प्रदूषित रहा। यहां AQI 314 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। लगातार बढ़ते प्रदूषण ने स्थानीय लोगों की सांस लेना मुश्किल कर दिया है।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, लोनी में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियां हैं। बताया जा रहा है कि कई यूनिट्स स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण लंबे समय से बिना अनुमति चल रही थीं। अब उन पर कार्रवाई के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
तीन स्टेशन ऑरेंज जोन में
लोनी को छोड़कर गाजियाबाद के अन्य तीन मॉनिटरिंग स्टेशन ‘खराब’ श्रेणी (ऑरेंज जोन) में रहे। नगर निगम द्वारा धूल उड़ने वाले इलाकों में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है और GRAP के तहत जरूरी कदम लागू हैं।
टीमें अलर्ट मोड पर
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि प्रदूषण रोकथाम के लिए जिले में लगातार कार्रवाई जारी है। खासकर लोनी क्षेत्र में टीमों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।


