गाजियाबाद: जिला निर्वाचन अधिकारी ने आगामी विधानसभा निर्वाचन के मद्देनज़र मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की संशोधित समय-सारणी जारी की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के क्रम में यह प्रक्रिया अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर संपन्न होगी।

निर्वाचन विभाग के अनुसार गणना अवधि 11 दिसंबर 2025 तक तय की गई है, जिसके दौरान बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे। वहीं मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन का कार्य भी इसी अवधि तक पूरा किया जाएगा।
12 से 15 दिसंबर तक नियंत्रण तालिका के अद्यतन और ड्राफ्ट रोल की तैयारी होगी। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा।
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की तिथि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तय की गई है। इस दौरान नोटिस जारी करना, सुनवाई, सत्यापन तथा दावों का निपटान ईआरओएस द्वारा किया जाएगा, जिसकी अंतिम तिथि 07 फरवरी 2026 है।
निर्वाचन आयोग 10 फरवरी 2026 तक मतदाता सूची के स्वास्थ्य मापदंडों की जांच कर अंतिम प्रकाशन की अनुमति प्रदान करेगा। इसके पश्चात 14 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर भ्रमण कर गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे और भरे हुए प्रपत्रों को डिजिटाइजेशन हेतु एकत्र किया जाएगा। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे संशोधित अवधि के भीतर अपने बी.एल.ओ. से संपर्क कर फॉर्म भरें और समय पर जमा करें।
उन्होंने कहा कि, “यह कार्य लोकतंत्र में आपकी भागीदारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें।”


