बुलंदशहर: एक समय में लोगों के मनोरंजन का प्रमुख माध्यम रहे सिनेमाघर अब एक बार फिर रौनक से भरने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने उन बंद पड़े, जर्जर या कमर्शियल दबाव में उपेक्षित हुए सिनेमाघरों को पुनर्जीवित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से लागू की गई समेकित प्रोत्साहन योजना अब बुलन्दशहर में तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
लखनऊ से जारी शासनादेश और आयुक्त कार्यालय के निर्देशों के बाद जिले में फिल्म एवं मनोरंजन व्यवसाय से जुड़े लोगों में नई उम्मीद जागी है। योजना के तहत बंद पड़े सिनेमाघरों को दोबारा खोलने, पुराने सिंगल स्क्रीन थिएटरों को आधुनिक स्वरूप देने, मल्टीप्लेक्स रहित जिलों में नए मल्टीप्लेक्स स्थापित करने और मौजूदा सिनेमाघरों को रीमॉडलिंग के लिए वित्तीय व प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह योजना सिर्फ मनोरंजन जगत को नई ऊर्जा देने का साधन नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। नए मल्टीप्लेक्स, टिकटिंग स्टाफ, तकनीशियन, सुरक्षा कर्मियों से लेकर खाद्य-पेय सेवाओं में काम करने वालों तक, युवाओं के लिए रोजगार के कई मार्ग खोलेंगे।
जनपद के बंद या संचालित सिनेमाघरों के लाइसेंसी, प्रबंधक, संचालक, इच्छुक व्यक्ति, कंपनियाँ या फर्म किसी भी कार्यदिवस में सहायक आयुक्त, राज्य कर खंड-1 (प्रभारी पूर्व मनोरंजन कर), बुलन्दशहर से संपर्क कर योजना से जुड़ी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन ने फिल्म व्यवसाय से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर को हाथ से न जाने दें। सरकार की मंशा स्पष्ट है- मनोरंजन संस्कृति को नई दिशा देना और सिनेमाघरों की रोशनी से जनपद की शामों को फिर से जगमगाना।


