बुलंदशहर: जहांगीराबाद नगर के बुद्ध पैठ क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही से प्रसूता और नवजात शिशु की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों के साथ किन्नर समाज ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार लोहरा गांव निवासी हेमराज सिंह की पत्नी सरता को 18 दिसंबर को प्रसव के लिए बुद्ध पैठ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मौत हो गई।
नवजात की मौत के बाद जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी सरता की हालत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल प्रबंधन ने उसे एएनडीएफ आनंद अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन पहले उसे बुलंदशहर ले गए, जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे आगे रेफर कर दिया। इसके बाद महिला को दादरी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे दिल्ली के हायर सेंटर भेजा गया। उपचार के दौरान 19 दिसंबर को सरता की भी मौत हो गई।
मां-बच्चे की मौत से आक्रोशित दादरी क्षेत्र के किन्नर गुरु गुड्डी के नेतृत्व में दर्जनों किन्नर और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल को सील करने तथा आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी सचिन भाटी ने अस्पताल का निरीक्षण कर उसे सील करने के आदेश दिए।
किन्नर गुरु गुड्डी ने बताया कि हेमराज उनका भतीजा है और उसके पहले से एक बेटा व एक बेटी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं कोतवाली प्रभारी संजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है और हेमराज की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।


