गाजियाबाद: प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में आर्थिक, औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा व्यापारियों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय व्यापार बंधु बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गाजियाबाद श्री रविंद्र कुमार माॅंदड़ ने की।

बैठक में जिले के विभिन्न व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों के समक्ष आ रही सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
व्यापारियों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
व्यापारी संगठनों द्वारा बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, यातायात जाम, रमते राम रोड स्थित पक्का तालाब को औषधीय तालाब में परिवर्तित करने, तथा नगर निगम द्वारा प्रस्तावित हाउस टैक्स से संबंधित विषय प्रमुख रूप से उठाए गए। इसके अतिरिक्त व्यापारिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की मांग भी रखी गई।
समन्वय के साथ समाधान पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करें, जिससे जिले में व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें और व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक का संचालन चन्द्रकांत भूषण, उपायुक्त (प्रशासन), राज्य कर विभाग गाजियाबाद द्वारा किया गया।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में जीएमडीआईसी श्रीनाथ पासवान, एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन हक, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, राजेन्द्र सिंह (अधिशासी अभियंता, नगर निगम गाजियाबाद), श्रीमती विनिता सिंह (एएलसी, श्रम विभाग), सुजाता सिंह (संयुक्त आयुक्त, राज्य कर गाजियाबाद रेंज-ए) सहित विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा व्यापारी संघ के नेता अशोक भारती, प्रशांत सरैया, बाल किशन गुप्ता, वसीम अली, अजय चोपड़ा सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने एक बार फिर सभी विभागों को निर्देश दिए कि व्यापारियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का शीघ्र, प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।


