बुलंदशहर: गुलावठी से सिकंदराबाद मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और जर्जर हालात को लेकर भारतीय किसान यूनियन (संपूर्ण भारत) द्वारा निकाली गई पदयात्रा का असर दिखाई देने लगा है। पदयात्रा के महज तीन दिन बाद ही प्रशासन ने गुलावठी- सिकंदराबाद रोड को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (संपूर्ण भारत) के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी पवन तेवतिया के नेतृत्व में 22 दिसंबर को गुलावठी के शहीद स्तंभ से सिकंदराबाद तक पदयात्रा निकाली गई थी। इस पदयात्रा के माध्यम से सड़क पर हो रहे हादसों पर रोक लगाने, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
प्रदेश अध्यक्ष चौधरी पवन तेवतिया ने बताया कि योगी सरकार द्वारा प्रदेशभर में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के कई अभियान चलाए गए, लेकिन बुलंदशहर में अधिकारियों ने कागजों में ही सड़कों को दुरुस्त दिखाकर सरकार के आदेशों की अनदेखी की। गुलावठी से सिकंदराबाद तक की सड़क वर्षों से बदहाल है, जिस पर गन्ने से लदे ट्रैक्टरों के साथ-साथ सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
पदयात्रा के दौरान संगठन ने सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी व रिफ्लेक्टर लगाने, बीच में डिवाइडर पर लाइटिंग, गांवों के पास ज़ेब्रा क्रॉसिंग बनाने तथा जोखाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग भी रखी थी।
इसके अलावा संगठन ने समाज को दूषित करने वाले ओयो गेस्ट हाउस के लाइसेंस निरस्त करने, लोकल कपल एंट्री पर 40 किलोमीटर के दायरे में रोक लगाने, बिना नक्शा पास कॉलोनियों पर कार्रवाई और वैध कॉलोनियों के नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया सरल करने की मांग उठाई। बीडीए द्वारा 90 मीटर ग्रीन बेल्ट के नाम पर किसानों की जमीन पर की जा रही कथित तानाशाही को भी गलत बताया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसान अपनी इच्छा से भूमि अधिग्रहण कराना चाहता है तो प्रशासन सहयोग करे, जबरन जमीन छीनी न जाए। यदि कोई किसान अपनी भूमि पर मकान बनाना चाहता है तो उसे अवैध न घोषित किया जाए।
उन्होंने बताया कि पदयात्रा के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए गुलावठी-सिकंदराबाद रोड को गड्ढा मुक्त करने का कार्य शुरू कर दिया है। संगठन को उम्मीद है कि शेष मांगों पर भी शासन-प्रशासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।


