गाजियाबाद: लोनी क्षेत्र में भूमाफियाओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दबंग भूमाफिया खुलेआम गरीबों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ताजा मामला लोनी क्षेत्र के खसरा नंबर 165 का है, जहां वर्ष 2008 में बसी एक कॉलोनी को बिना किसी प्रशासनिक या न्यायालयीय आदेश के दबंगों द्वारा जबरन ध्वस्त कर दिया गया।
पीड़ितों के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब तीन लाख ईंटें मौके से गायब कर दी गईं। खसरा नंबर 165 में दिल्ली व अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों के प्लॉट थे, जिनकी विधिवत रजिस्ट्री व दाखिल-खारिज भी कराई गई थी। आरोप है कि सब्लू गढ़ी गांव के एक परिवार ने सुनियोजित तरीके से जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि यही परिवार इससे पहले भी खसरा नंबर 167 में इसी तरह की घटना को अंजाम दे चुका है। लगभग चार वर्ष पूर्व जमीन बेचने के बाद भी लोगों की बाउंड्री गिराकर कब्जा कर लिया गया था। अब एक बार फिर गरीब परिवारों से उनके आशियाने छीनने का प्रयास किया गया है।
इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रवादी महासर्वण महासंघ ने कड़ा रुख अपनाया है। महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लखनऊ में विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सवाल यह है कि प्रशासनिक लापरवाही के पीछे राजनीतिक संरक्षण है या फिर सिस्टम की कमजोरी। पीड़ितों ने दोषियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।


