नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 130वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, युवाओं की बदलती सोच, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भजन और कीर्तन सदियों से भारतीय संस्कृति की आत्मा रहे हैं। पहले ये मंदिरों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित थे, लेकिन आज की युवा पीढ़ी ने इन्हें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है। देश के कई शहरों में युवा रोशनी, मंच और संगीत के साथ भजन गाते हैं, जहां माहौल किसी म्यूजिक कॉन्सर्ट जैसा होता है, लेकिन भावनाएं पूरी तरह भक्ति से जुड़ी रहती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह देखकर अच्छा लगता है कि इन आयोजनों में भजन की गरिमा और पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश में तेजी से बढ़ते स्टार्ट-अप कल्चर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, मोबिलिटी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने स्टार्ट-अप से जुड़े सभी युवाओं को सलाम करते हुए कहा कि यही युवा देश के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जनवरी 2016 में शुरू की गई स्टार्ट-अप इंडिया पहल आज एक मजबूत इकोसिस्टम बन चुकी है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। उन्होंने कहा कि आज के स्टार्ट-अप ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में एक दशक पहले सोचना भी कठिन था।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को लेकर एक अनोखा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो उसका स्वागत पूरे मोहल्ले, गांव या शहर द्वारा किया जाना चाहिए और इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। इससे लोकतंत्र के प्रति सम्मान और मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह स्थानीय लोगों ने जनभागीदारी के माध्यम से नदी को प्रदूषण से मुक्त कर नया जीवन दिया। नदी की सफाई, किनारों पर वृक्षारोपण और सामूहिक प्रयासों से यह अभियान सफल हुआ।
Disclaimer: मन की बात के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ संदेश दिया कि आज का भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार, लोकतंत्र और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।


