बारामती: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार का दिन बेहद दुख:द और ऐतिहासिक साबित हुआ। राज्य के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार की सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हृदयविदारक घटना से न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरा शोक व्याप्त है।

मिली जानकारी के मुताबिक अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में मुंबई से बारामती के लिए प्राइवेट एयरक्राफ्ट से रवाना हुए थे। विमान जैसे ही बारामती के पास लैंडिंग की प्रक्रिया में था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद विमान के फ्यूल टैंक में विस्फोट हो गया, जिससे आग भड़क उठी। इस दुर्घटना में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार विमान जमीन पर उतरते समय असामान्य स्थिति में दिखाई दिया। कुछ ही क्षणों में वह रनवे से टकरा गया और आग की लपटों में घिर गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की भयावहता के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका।

जिसके बाद डीजीसीए ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में पायलट और अन्य सहकर्मियों समेत कुल छह लोग सवार थे और सभी की मृत्यु हो गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
चार दशकों की राजनीतिक यात्रा का अंत
66 वर्षीय अजित पवार पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय थे। वह अपने कड़े फैसलों, स्पष्ट नेतृत्व और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई।
उनकी अचानक मृत्यु से राज्य की सियासत में एक अप्रत्याशित शून्य पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं मानी जा रही।
पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर
अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए, वहीं मंत्रियों, विधायकों और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया। आम लोगों के बीच भी शोक और स्तब्धता का माहौल है।
कई पहलुओं पर होगी हादसे की पड़ताल
विमान हादसे को लेकर डीजीसीए और अन्य एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है। आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बता दें, अजित पवार का यूं अचानक चले जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।


