गाजियाबाद: लोनी तहसील क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (डंपिंग) प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को भी ग्रामीण धरने पर डटे रहे। हालात को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया।
प्रशासन की तरफ से जिलाधिकारी दीपक कुमार, नगर आयुक्त तथा डीसीपी ग्रामीण मीरपुर हिंदू गांव पहुंचे। अरुण त्यागी के आवास पर ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच करीब एक घंटे तक बैठक चली। इस दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी स्थिति में गांव के पास डंपिंग प्लांट को संचालित नहीं होने देंगे और इसके निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गांव के पूर्व प्रधान मा. त्यागी ने अधिकारियों के सामने ग्रामीणों की मांग रखते हुए कहा कि प्लांट को पूरी तरह हटाया जाए। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यहां नगर निगम का कूड़ा नहीं डाला जाएगा और लोनी नगर पालिका का कचरा किसी अन्य स्थान पर निस्तारित किया जाएगा।
ग्रामीणों को मनाने के लिए प्रशासन ने गांव में स्कूल और बारात घर के निर्माण का भी भरोसा दिलाया तथा धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि, ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग रहे और साफ शब्दों में कहा कि जब तक डंपिंग प्लांट हटाने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
करीब एक घंटे की बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी लौट गए। अधिकारियों ने चार दिन बाद दोबारा बैठक कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


