रामपुर: सैदनगर विकासखंड के ग्राम बगड़खा में स्थित तालाब इन दिनों ग्राम पंचायत की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बना हुआ है। गांव की बीचों-बीच स्थित इस तालाब में कूड़ा-करकट और गंदगी जमा होने से न केवल जल स्रोत दूषित हो चुका है, बल्कि पूरे गांव का वातावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
बीमारियों की चपेट में गांव
ग्रामीणों के मुताबिक तालाब की बदहाली के कारण गांव में मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और काला पीलिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। हरि ओम दिवाकर, सब्बो पुत्र मुन्ना, पाशा, सुभाष, प्रेम किशोर दिवाकर, सोनू चंद्रा, गुड्डू पुत्र दुला सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रसित है।
टूटी रिटेनिंग वॉल से बढ़ा खतरा
तालाब के चारों ओर बनी रिटेनिंग वॉल कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। इसके चलते तालाब में पनप रहे सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव अक्सर आसपास के घरों में घुस आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के तालाब में गिरने का भी हमेशा खतरा बना रहता है, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग भय के साए में जीने को मजबूर हैं।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार खंड विकास अधिकारी, पंचायत विभाग और ग्राम पंचायत को तालाब की दुर्दशा से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। धरातल पर किसी भी प्रकार का सुधार कार्य नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
अमृत सरोवर योजना पर सवाल
सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के सौंदर्यकरण का दावा किया गया था, लेकिन बगड़खा का तालाब आज भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के बावजूद तालाब की न तो सफाई हुई और न ही सौंदर्यकरण।
ग्रामीणों ने की ये मांग
सोमपाल कश्यप, राजेंद्र पुत्र नारायण दास, महेंद्र दिवाकर और तोला राम सहित ग्रामीणों ने मांग की है कि तालाब की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, रिटेनिंग वॉल की मरम्मत हो और चारों ओर जाल या घेराबंदी लगाई जाए, ताकि बच्चों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्या बोले ग्राम प्रधान?
ग्राम प्रधान नितिन सैनी ने बताया कि बरसात के मौसम के कारण तालाब की सफाई और सौंदर्यकरण कार्य में देरी हुई है। अब मौसम साफ हो गया है और शीघ्र ही तालाब की सफाई व सौंदर्यकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा।


