रामपुर: कुवैत में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले की घटना ने वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों, विशेषकर रामपुर के लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया है। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान से जुड़े घटनाक्रम से जोड़कर देखी जा रही है, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा अलर्ट घोषित कर दिया गया।
कुवैत में रह रहे रामपुर के प्रवासियों के अनुसार, हमले के बाद हालात अचानक बदल गए। मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक की घोषणा कर दी गई और लोगों से घरों में ही इबादत करने की अपील की गई। सड़कों और हाईवे पर आम नागरिकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई, जबकि हर तरफ सुरक्षा बलों की गश्त दिखाई देती रही।
प्रवासियों ने बताया कि दिन और रात लगातार सायरनों की आवाज सुनाई देती रही, जिससे लोग भयभीत हो गए। हमले का स्थान उनके रहने की जगहों से लगभग 45 किलोमीटर दूर था, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से लोगों को घरों से बाहर न निकलने के निर्देश जारी किए जाते रहे। इस दौरान भारत में बसे परिजन लगातार फोन कर अपने अपनों की सलामती की जानकारी लेते रहे।
कुवैत में वेल्डिंग का कार्य करने वाले एक रामपुर निवासी ने बताया, “हमले की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सायरनों की आवाज से डर का माहौल बन गया और लोग अपने कमरों में सिमट गए।” वहीं, सिलाई का काम करने वाले एक अन्य प्रवासी ने कहा, “एहतियात के तौर पर हमने खाने-पीने का सामान इकट्ठा कर लिया और कमरे के अंदर ही शांत बैठे रहे।”
कई वर्षों से कुवैत में काम कर रहे एक अन्य प्रवासी ने बताया कि हमले की सूचना के बाद परिवार के लोग बेहद घबरा गए थे। “हमने उन्हें समझाया कि हम सुरक्षित स्थान पर हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं,” उन्होंने कहा।
हमले के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल के चलते प्रवासी भारतीय और उनके परिवार अभी भी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं।


