महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली नगर पंचायत में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल से भटककर काकड़ प्रजाति का एक हिरण आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। यह मामला सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज का है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उनके साथ सोनौली कोतवाली पुलिस और एसएसबी के जवानों ने भी मोर्चा संभाला। टीम ने सतर्कता बरतते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की, ताकि हिरण किसी वाहन की चपेट में न आए और न ही उसे कोई नुकसान पहुंचे।
करीब कई घंटों की मशक्कत और बेहतर समन्वय के बाद टीम ने काकड़ हिरण को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद उसे वन विभाग की निगरानी में रखा गया और प्राथमिक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
घोड़हवा बीट के फोरेस्टर जितेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण के बाद हिरण को उसके प्राकृतिक आवास घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में कोई वन्यजीव रिहायशी क्षेत्रों में दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुंचाने की बजाय तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।


