महराजगंज: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने टेलीग्राम के जरिए लोगों को कम समय में पैसा दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार है जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना द्वारा संचालित प्रतिबिंब पोर्टल हॉटस्पॉट अभियान के तहत यह करवाई की गई है जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से आगरा निवासी एक व्यक्ति को निवेश के नाम पर झांसा दिया और उससे करीब सात लाख रुपए ठग लिए।
गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी पहले पीड़ित को विश्वास में लेते थे और फिर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इसके बाद ATM कार्ड और चेक के माध्यम से रकम निकाल ली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर कई बैंक खातों को खुलवाया था। इसके अलावा, स्थानीय लोगों और जनसेवा केंद्र संचालकों को हर ट्रांजेक्शन पर 2 से 2.5 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके खातों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मुख्य सरगना रवि प्रताप सिंह है, जो पिछले करीब 8 महीनों से इस संगठित अपराध को अंजाम दे रहा था। उसके साथ कई स्थानीय सहयोगी जुड़े हुए थे, जो खातों की व्यवस्था और रकम निकालने में मदद करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 7 मोबाइल फोन, 7 ATM कार्ड, कई आधार और पैन कार्ड, बैंक पासबुक, क्रेडिट कार्ड समेत अन्य दस्तावेज और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर “पैसा दोगुना” करने जैसे लालच में न आएं। अनजान लोगों के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दें।


