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  • July 15, 2026
  • Last Update July 14, 2026 10:20 PM
  • Lucknow

सीमावर्ती गांवों में खनन का काला कारोबार चरम पर, ओवरलोड वाहनों से टूटी सड़कें, लोगों में भारी आक्रोश

सीमावर्ती गांवों में खनन का काला कारोबार चरम पर, ओवरलोड वाहनों से टूटी सड़कें, लोगों में भारी आक्रोश

महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े महराजगंज जनपद के सीमावर्ती इलाकों में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। परसामलिक, सोनौली, नौतनवा, बरगदवा और ठूठीबारी थाना क्षेत्रों में खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात मिट्टी की खुदाई करा रहे हैं। प्रशासनिक प्रतिबंधों और नियमों के बावजूद कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियों का व्यावसायिक इस्तेमाल खुलेआम किया जा रहा है।

क्षेत्र में जेसीबी और लोडर मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है। इसके बाद ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां तेज रफ्तार से ग्रामीण सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं, जिससे सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि खनन में लगे वाहनों से उड़ने वाली धूल ने हालात और खराब कर दिए हैं। गांवों में प्रदूषण बढ़ने से लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि किसानों की सुविधा के लिए पंजीकृत वाहनों का उपयोग खनन माफिया अपने निजी लाभ के लिए कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई अक्सर केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है।

हालांकि इस मामले पर प्रशासन का दावा है कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई देती है। कई क्षेत्रों में खनन का कारोबार पहले की तरह जारी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य के लिए पंजीकृत वाहनों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी है। जल्द ही संबंधित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन में संलिप्त वाहनों को सीज किया जाएगा तथा उनके पंजीकरण निरस्त करने की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

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