कुशीनगर: परिवार की ज़िंदगी बेहतर बनाने का सपना लेकर विदेश गया एक युवक जब मृत अवस्था में गांव लौटा, तो सलेमगढ़ की हर गली गमगीन हो उठी। तरया सुजान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सलेमगढ़ के दर्जी टोला निवासी युवक की लाइबेरिया में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, छोटे लाल पटेल (35 वर्ष) लगभग एक वर्ष पहले रोज़गार के उद्देश्य से लाइबेरिया गए थे। वहां वे एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और नियमित रूप से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मोनरोविया स्थित जॉन एफ. केनेडी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां 3 फरवरी 2026 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भारतीय दूतावास और संबंधित कंपनी की पहल पर मृतक का शव हवाई मार्ग से भारत लाया गया। 10 फरवरी, मंगलवार को जब एंबुलेंस से शव गांव पहुंचा, तो परिजनों का करुण क्रंदन सुनकर हर आंख नम हो गई। गांव में सन्नाटा और मातम पसर गया।
छोटे लाल पटेल दो भाइयों में छोटे थे, लेकिन परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके पिता काशी पटेल गंभीर हृदय व जोड़ रोग से पीड़ित हैं और बैसाखी के सहारे चलते हैं, जबकि माता लंबे समय से पैरालिसिस की शिकार हैं और उनका इलाज जारी है। ऐसे में इकलौते कमाने वाले सदस्य की असमय मौत ने परिवार को पूरी तरह असहाय बना दिया है।
मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, बड़ा बेटा अभिनंदन (7 वर्ष), दूसरा बेटा अनुज (5 वर्ष) और 3 वर्षीय पुत्री। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से उनके भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई है।
घटना के बाद गांव के लोग और रिश्तेदार शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके।


