लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर चल रहे गुटबाजी के विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पार्टी के एक धड़े की लगातार शिकायतों के चलते कानपुर और लखनऊ मंडल प्रभारी शमसुद्दीन राईन को आखिरकार पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। शमसुद्दीन राईन झांसी के निवासी हैं और कुछ माह पहले ही उन्हें पार्टी का प्रभारी बनाया गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, शमसुद्दीन राईन के प्रभारी बनने के बाद ही पार्टी में गुटबाजी और विवाद शुरू हो गया। उनके खिलाफ आरोप लगाया गया कि वे अपने धड़े के लोगों को बढ़ावा दे रहे थे और पार्टी विरोधी गतिविधियों में भी शामिल हो रहे थे। इसी वजह से पार्टी के दूसरे धड़े ने मोर्चा खोल दिया। दिवाली से पहले ही उनके पद से हटाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं और अंततः दीपावली के बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि झांसी में गुटबाजी और अनुशासनहीनता के चलते कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। बावजूद इसके शमसुद्दीन राईन की गतिविधियों और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित करने का निर्णय लिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से बसपा के भीतर सुलझाव और संगठनात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, शमसुद्दीन राईन के समर्थक इससे असंतुष्ट हैं और राजनीतिक हलचल जारी रहने की संभावना है।


