नई दिल्ली: आधार कार्ड आज भारत में केवल पहचान पत्र नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं की सबसे अहम कड़ी बन चुका है। राशन कार्ड, पेंशन, एलपीजी सब्सिडी, मोबाइल सिम, बैंक खाते और कई सरकारी लाभ सीधे आधार से जुड़े हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार सक्रिय रहना न सिर्फ सिस्टम की कमजोरी को दर्शाता है, बल्कि इससे बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की आशंका भी बनी रहती है।
इसी खतरे को रोकने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। UIDAI के अनुसार अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृत लोगों के आधार कार्ड डीएक्टिवेट किए जा चुके हैं। यह कदम आधार डेटाबेस को सुरक्षित रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
आधार सक्रिय रहने से क्या हैं खतरे?
अगर किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसका आधार कार्ड सक्रिय रहता है, तो असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। मृत व्यक्ति के नाम पर पेंशन, सब्सिडी या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। इसके अलावा फर्जी पहचान बनाकर बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल कनेक्शन या अन्य सेवाओं का गलत इस्तेमाल भी संभव है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भी साफ किया है कि पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए मृत्यु के बाद आधार निष्क्रिय कराना बेहद जरूरी है।
परिजन कैसे दें मृत्यु की जानकारी?
UIDAI ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए myAadhaar पोर्टल पर “Reporting of Death of a Family Member” नाम से ऑनलाइन सेवा शुरू की है। इसके तहत परिवार का कोई भी सदस्य अपने आधार से प्रमाणीकरण कर मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण संख्या दर्ज कर सकता है। आवश्यक जानकारी की जांच के बाद UIDAI आधार को निष्क्रिय कर देता है। इससे बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
सुरक्षा के लिए UIDAI के सख्त कदम
आधार से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए UIDAI ने कई आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इनमें बायोमेट्रिक लॉक की सुविधा, फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस डिटेक्शन, सिक्योर QR कोड, ऑफलाइन e-KYC और एन्क्रिप्टेड डेटा वॉल्ट सिस्टम शामिल हैं। UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार धारकों की कोर बायोमेट्रिक जानकारी किसी भी संस्था के साथ साझा नहीं की जाती।
क्यों जरूरी है समय पर आधार अपडेट?
परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उसका आधार निष्क्रिय कराना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि सामाजिक हित में भी जरूरी है। इससे सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग रुकता है और लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुंचता है। यदि आपके परिवार में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है, तो समय रहते myAadhaar पोर्टल पर जानकारी अपडेट करना बेहद आवश्यक है।


