नई दिल्ली: बांग्लादेश इस समय राजनीतिक अशांति, हिंसा और प्रशासनिक संकट के दौर से गुजर रहा है। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद फैली हिंसा के बीच अब देश को एक और गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में अगले साल की शुरुआत में कम से कम एक महीने तक कंडोम की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है।
स्थानीय अख़बार द डेली स्टार के अनुसार, फंड की कमी और कर्मचारियों की भारी कमी के चलते देश में कंडोम का मौजूदा स्टॉक सिर्फ 38 दिनों का बचा है। इसके बाद नई खेप आने में देरी तय मानी जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बढ़ती जन्म दर ने बढ़ाई चिंता
यह संकट ऐसे समय सामने आया है, जब बांग्लादेश में 50 वर्षों बाद कुल प्रजनन दर (TFR) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे (MICS) 2025 के मुताबिक, TFR बढ़कर 2.4 हो गई है, जो पिछले वर्ष 2.3 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार नियोजन से दूरी और गर्भनिरोधकों की कमी जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों को कमजोर कर सकती है।
छह साल में 57% घटी कंडोम सप्लाई
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फैमिली प्लानिंग (DGFP) के तहत मुफ्त गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन राष्ट्रीय गर्भनिरोधक रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह वर्षों में कंडोम की सप्लाई 57% घट गई है। गर्भनिरोधक गोलियां 63%, IUD 64%, इंजेक्शन 41% और इम्प्लांट 37% तक कम हो चुके हैं।
कानूनी पेंच और स्टाफ की कमी बनी वजह
DGFP के लॉजिस्टिक्स निदेशक अब्दुर रज्जाक के अनुसार, खरीद प्रक्रिया से जुड़े कानूनी विवाद और फील्ड कर्मचारियों की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने साफ कहा कि कंडोम की कमी फिलहाल टालना मुश्किल है।
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बांग्लादेश को जनसंख्या और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर बड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


