बुलंदशहर: नरसेना थाना क्षेत्र में शनिवार की दोपहर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में शांत रास्ते को अफरा-तफरी में बदल दिया। अमरगढ़ निवासी राजेंद्र सिंह अपनी पत्नी ब्रदेवी के साथ बहादुरगढ़ से लौट रहे थे। सब कुछ सामान्य था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे सड़क पर ऐसा ‘अदृश्य खतरा’ बिछा है, जो उनकी रफ्तार को मौत जैसे झटके से रोक देगा।
जैसे ही उनकी बाइक नरसेना थाना के सामने नहर पटरी पर पहुंची, सड़क पर फैली रेत ने अचानक पहियों की पकड़ छीन ली। बाइक बुरी तरह फिसली और दोनों सड़क पर जा गिरे। चीख सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, और कुछ ही मिनटों में मौके पर भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल दंपती को सरकारी अस्पताल भेजा। राजेंद्र सिंह के चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं, जबकि उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर से निकाली जा रही रेत लंबे समय से सड़क पर फैल रही है, लेकिन इसे हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस रेत की वजह से आए दिन वाहन फिसलने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोग इसे “छिपा हुआ खतरा” बताकर नाराज़गी जता रहे हैं।
इस मामले में थाना प्रभारी वीरपाल सिंह ने हिन्दी एक्सप्रेस न्यूज़ से फ़ोन पर बताया कि दंपती को तुरंत अस्पताल भेजा गया था और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


