रामपुर: उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज राज्य मंत्री तथा नवाब परिवार से जुड़े नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के कथित निधन की खबरों पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
नवेद मियां ने इस समाचार को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यदि यह खबर सत्य सिद्ध होती है, तो यह केवल किसी एक देश या समुदाय की क्षति नहीं होगी, बल्कि पूरी मानवता के लिए अपूरणीय नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई सिर्फ ईरान के सर्वोच्च नेता ही नहीं थे, बल्कि दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए वे हौसले, प्रतिरोध और इंसाफ की आवाज माने जाते थे। वे हमेशा कमजोर, गरीब और मजलूम वर्ग के अधिकारों के लिए मुखर होकर खड़े रहे।
नवाब काजिम अली खान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इज़रायल की सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई और मध्य-पूर्व में बिगड़ते हालात पर लगातार चिंता जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल की नीतियों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिरता की आग में झोंक दिया है, जिसके दुष्परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियाँ बेहद चिंताजनक हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय शांति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति की अपील
नवेद मियां ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस तरह की घटनाओं और परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा करे तथा क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि दुनिया के हर इंसान को हिंसा और युद्ध के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि इतिहास इस दौर को याद रखेगा और यह समय पूरी दुनिया के लिए सबक लेने का है, ताकि भविष्य में मानवता को ऐसी त्रासदियों का सामना न करना पड़े।


