गाजियाबाद: जनपद में शनिवार को युवाओं के भविष्य और जिले की आर्थिक दिशा को नया मोड़ देने वाला एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। जिले के 12 प्रमुख कॉलेजों से चयनित 100 छात्र-छात्राओं ने औपचारिक रूप से उद्यमिता की दुनिया में कदम रखते हुए यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी अब केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार सृजन की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाएगी। यह पहल ‘विकसित भारत’ की सोच को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
गाजियाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (GMA) की ओर से शुरू किए गए Ghaziabad Entrepreneurship Mission का शुभारंभ राम चमेली चढ़ा विश्वास गर्ल्स कॉलेज में भव्य समारोह के साथ हुआ। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और जब उन्हें सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर मिलते हैं तो वे देश की तस्वीर बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मिशन युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की सोच के साथ शुरू किया गया है और यही सोच विकसित भारत की मजबूत नींव रखेगी।
विशिष्ट अतिथि अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद ने कहा कि यह पहल गाजियाबाद को स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस शुरुआत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन इस मिशन को हरसंभव सहयोग देगा। साथ ही उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर (DIC) के माध्यम से चयनित युवाओं को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और वित्तीय सहायता से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके स्टार्टअप विचार केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर उतरकर रोजगार के नए अवसर पैदा करें।
कार्यक्रम की शुरुआत राहुल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, GMA के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी को सही दिशा और मंच देना भी उसका दायित्व है। इसी सोच के साथ इस मिशन की परिकल्पना की गई है।
वहीं प्रवीण राजभर, फाउंडर एवं सीईओ, स्किलिंग यू ने बताया कि गाजियाबाद के 12 कॉलेजों से लगभग 4,000 छात्रों ने इस मिशन के लिए आवेदन किया था। विभिन्न चरणों में हुए फाउंडर फिट टेस्ट और स्टार्टअप आइडिया मूल्यांकन के बाद टॉप 100 छात्रों का चयन किया गया है। इन युवाओं को अगले दो महीनों तक स्टार्टअप से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग, मेंटरशिप और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में चयनित 100 छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। GMA के फाउंडिंग मेंबर आई.सी. अग्रवाल, कॉलेज की प्रिंसिपल नीतू चावला सहित अन्य वक्ताओं ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये युवा न केवल अपने सपनों को साकार करेंगे, बल्कि गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश की आर्थिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
इस मिशन के साथ गाजियाबाद में उद्यमिता आधारित विकास की एक नई शुरुआत हुई है, जहां उद्योग, प्रशासन और शिक्षा संस्थान मिलकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एकजुट हैं। यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विकसित भारत की नींव अब जिलों से रखी जा रही है और युवा उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं।


