गाज़ियाबाद: ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के समग्र विकास को लेकर ESG-RAMP जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्टिंग MSME इकाइयों को गुणवत्ता, सतत विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता के नए मानकों से परिचित कराना रहा। कार्यशाला का आयोजन मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (MEPSC) ने Industrial Association of MSME के सहयोग से किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डी. एस. तोमर, उप निदेशक, MSME मंत्रालय ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि ESG आधारित कार्यप्रणालियां अपनाने से उद्योग न केवल टिकाऊ बनते हैं, बल्कि वैश्विक बाज़ार में उनकी स्वीकार्यता भी बढ़ती है। विशेष अतिथि मोहम्मद आक़िफ, सहायक आयुक्त, जिला उद्योग केंद्र ने सरकारी योजनाओं, अनुदानों और प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी साझा की।
कार्यशाला के दौरान ESG (पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासन) मानकों, उद्योग उन्नयन, स्केल-अप, डिजिटलीकरण और निर्यात संवर्धन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। ZED (Zero Defect Zero Effect) प्रमाणन के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इससे गुणवत्ता सुधार, लागत में कमी और बाज़ार विस्तार में मदद मिलती है। साथ ही उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क ZED प्रमाणन की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा RAMP (Racing and Accelerating MSME Performance) योजना पर विस्तृत चर्चा हुई, जो विश्व बैंक समर्थित और MSME मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित है। इस योजना का लक्ष्य MSME क्षेत्र की उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और आधुनिकीकरण को तेज़ी से बढ़ावा देना है।
Industrial Association of MSME के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उद्यमियों को नीतियों और योजनाओं से सीधे जोड़ती हैं तथा व्यावहारिक समाधान प्रदान करती हैं। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। बड़ी संख्या में MSME उद्यमियों की भागीदारी के साथ कार्यशाला को जानकारीपरक, उपयोगी और प्रेरक बताया गया।


