गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा शीतलहरी के दृष्टिगत विभागवार “क्या करें-क्या न करें” एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गाजियाबाद ने इसे स्थानीय अधिकारियों और विभागों तक पहुँचाया।
एडवाइजरी के अनुसार नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे रेडियो और टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करें और पर्याप्त सर्दियों के कपड़े पहनें। कई परतों वाले कपड़े शरीर को अधिक गर्म रखने में मदद करते हैं। शीतलहर के दौरान फ्लू, नाक बहना या नाक से खून जैसी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
यातायात-परिवहन विभाग के लिए निर्देश:
• कोहरे और कम दृश्यता में वाहनों को सावधानी से चलाएँ।
• सड़क पर रिफ्लेक्टर, कैट्स-आई और रिफ्लेक्टर पेंट सुनिश्चित करें।
• फिसलन वाले इलाकों पर नमक या रेत का छिड़काव करें।
• चालक धीमी गति से चलाने के लिए बोर्ड लगाकर सचेत करें।
• वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखें और डायवर्जन की व्यवस्था करें।
• पुलिस कर्मियों के लिए ऊनी वस्त्र और गर्म पेय की सुविधा सुनिश्चित करें।
• संचार माध्यमों के जरिए लगातार अपडेट लें और एम्बुलेंस तथा रिकवरी वैन तैनात रखें।
क्या न करें:
• तेज गति से वाहन न चलाएँ।
• सड़क पर अनावश्यक रूकावटें न लगाएँ।
• बिना लाइट या रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को न चलाएँ।
• ड्यूटी पोस्ट छोड़कर न जाएँ।
• फिसलन वाली सड़क पर भारी वाहन तेज गति से न चलाएँ।
• आपात स्थिति में सूचना देने में देरी न करें।
संबंधित सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे शीतलहरी के दौरान इन निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर अपडेट जारी रखें।


