गाजियाबाद: जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में प्रशासन ने कुपोषण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिला पोषण समिति एवं जिला निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने की।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति, पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और डिजिटल निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने पोषण ट्रैकर ऐप पर लाभार्थियों की फीडिंग, ग्रोथ मॉनिटरिंग, आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प, निरीक्षण प्रणाली, ईसीसीई किट, ई-कवच तथा संभव 5.0 अभियान की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

33 बच्चों को एनआरसी भेजा गया
बैठक में जानकारी दी गई कि दिसंबर 2025 के दौरान जनपद गाजियाबाद में गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) पाए गए 33 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में उपचार हेतु संदर्भित किया गया।
निरंतर निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संभव 5.0 अभियान के अंतर्गत चिन्हित सभी सैम बच्चों को एनआरसी के माध्यम से चिकित्सीय देखभाल, पोषण परामर्श और नियमित मासिक फॉलो-अप प्रदान किया जाए, ताकि बच्चों को कुपोषण से बाहर लाकर स्वस्थ विकास सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में आयोजित इस समीक्षा में प्रशिक्षु आईएएस अयान जैन, परियोजना निदेशक (डीआरडीए)/उपायुक्त राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, पोषण अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला निगरानी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


