नई दिल्ली: बीते एक साल में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के दाम 70 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुके हैं, लेकिन इस तेजी का फायदा ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों को नहीं मिल पाया। शेयर बाजार में तस्वीर बिल्कुल उलटी नजर आ रही है जहां सोना चमक रहा है, वहीं ज्वेलरी कंपनियों के शेयर निवेशकों को निराश कर रहे हैं।
मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 ज्वेलरी कंपनियों में से 8 कंपनियों के शेयर बीते एक साल में नुकसान में रहे हैं। यह स्थिति साफ तौर पर सोने की कीमतों और ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाती है।

Titan और Thangamayil ने दिखाया दम
इस कमजोर माहौल में केवल Titan Company और Thangamayil Jewellery ही ऐसे नाम हैं, जिन्होंने सकारात्मक रिटर्न दिया है। Titan के शेयरों में करीब 17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि Thangamayil Jewellery के शेयरों ने निवेशकों को लगभग 72 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
इसके अलावा, बाकी ज्यादातर बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 44 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है।
इन ज्वेलरी शेयरों में आई ज्यादा गिरावट
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में PC Jeweller सबसे आगे रहा, जिसके शेयर एक साल में 44 प्रतिशत टूट गए। इसके बाद Senco Gold के शेयरों में 43.5 प्रतिशत, Kalyan Jewellers में 35 प्रतिशत और Sky Gold & Diamonds में 38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई कंपनियों का प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। PN Gadgil Jewellers के शेयर करीब 15 प्रतिशत, Bluestone Jewellery के शेयर 1 प्रतिशत, जबकि Motisons Jewellers के शेयर लगभग 45 प्रतिशत तक फिसल चुके हैं।
सोना महंगा तो ज्वेलरी शेयर क्यों सस्ते?
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश के मुताबिक, ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव की तीन बड़ी वजहें हैं।

कच्चे माल की बढ़ती लागत
सोना ज्वेलरी कंपनियों के लिए मुनाफे का जरिया नहीं, बल्कि कच्चा माल है। जब इसकी कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो कंपनियों की लागत और वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ जाती है, जिससे मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बनता है।
बिक्री की रफ्तार में कमी
महंगे सोने की वजह से ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं या हल्के वजन के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर खासकर शादी और त्योहारों के सीजन में ज्यादा महसूस किया गया है।
लिक्विडिटी और कर्ज का दबाव
ऊंची ब्याज दरों और नकदी की कमी के चलते ज्यादा कर्ज वाली ज्वेलरी कंपनियां ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।
हालांकि, Titan अपने मजबूत ब्रांड, बेहतर प्राइसिंग पावर और कुशल इन्वेंट्री मैनेजमेंट की वजह से इस दबाव को बेहतर तरीके से झेलने में सफल रही है।
ग्राहकों की सोच में बदलाव
Sohnaa की फाउंडर सोनाली शाह शेट्टी के अनुसार, ऊंची कीमतों के चलते कुछ ग्राहक फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं, जबकि कुछ आगे और तेजी की उम्मीद में अभी निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में शादियों की वजह से ज्वेलरी की मांग बनी हुई है, लेकिन अब ग्राहक छोटे, हल्के और सोच-समझकर चुने गए गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके साथ ही, 22 कैरेट से हटकर 18 और 14 कैरेट सोने की ओर रुझान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
आगे ज्वेलरी सेक्टर का क्या भविष्य?
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ का मानना है कि मौजूदा दबाव के बावजूद ज्वेलरी सेक्टर की लंबी अवधि की तस्वीर मजबूत बनी हुई है। संगठित ज्वेलरी बाजार तेजी से बढ़ रहा है और 2029 तक इसके करीब ₹5 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और मजबूत ब्रांड, बेहतर बैलेंस शीट और कम कर्ज वाली कंपनियों पर ही फोकस करना समझदारी होगी।
कौन-से ज्वेलरी शेयर दिखा रहे मजबूती?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, Titan फिलहाल ज्वेलरी सेक्टर की सबसे मजबूत कंपनी बनी हुई है। इसके अलावा, Shanti Gold International और Shringar House of Mangalsutra जैसे B2B ज्वेलरी प्लेयर्स पर भी कुछ ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं।
NOTE: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


