गाजियाबाद: भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ग्रामीण क्षेत्र को अब राहत आधारित योजनाओं के बजाय स्थायी आजीविका की ओर ले जाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश समाज कल्याण मंत्री एवं गाजियाबाद जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (VB-G RAM-G), ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और उत्पादक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, पटेल नगर में आयोजित भाजपा की प्रेस वार्ता में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पूर्ववर्ती MGNREGA योजना राहत आधारित मॉडल तक सीमित रह गई थी, जिसमें भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और कमजोर निगरानी जैसी गंभीर समस्याएँ सामने आईं। इसके विपरीत नया अधिनियम रोजगार को कौशल विकास, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और स्थानीय उद्यमिता से जोड़ता है।
उन्होंने बताया कि VB-G RAM-G अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, जबकि वन क्षेत्रों में कार्यरत अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर होगा और GPS व AI आधारित निगरानी प्रणाली से कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना में केंद्र और राज्य की 60:40 सहभागिता से राज्यों की जवाबदेही मजबूत होगी। साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग, रियल-टाइम डेटा और अनिवार्य सामाजिक ऑडिट के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
भाजपा द्वारा इस अधिनियम को जन-जन तक पहुँचाने के लिए 8 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किसान-श्रमिक चौपालें, कार्यशालाएँ, बूथ स्तर सम्मेलन और सोशल मीडिया अभियान शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता के अंत में भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल एवं जिलाध्यक्ष चैन पाल सिंह ने उपस्थित अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कई विधायक, पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


