गाजियाबाद: लोनी में विकास कार्यों की रफ्तार वर्षों से ठहरी हुई नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि राजनीतिक खींचतान, प्रशासनिक उदासीनता और व्यापक भ्रष्टाचार ने क्षेत्र के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हालात यह हैं कि सर्दी समाप्त होते ही एक बार फिर जलभराव, गंदगी और बदहाल सड़कों की समस्या लोगों के सामने खड़ी होने वाली है।
स्थायी संकट बना जलभराव
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लोनी में जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नालियों की सफाई और निर्माण के नाम पर हर वर्ष योजनाएं बनती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता। कई गांवों, कॉलोनियों और वार्डों में आज भी न तो पक्की नालियां हैं और न ही समुचित सड़कें, जिससे बारिश के दिनों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।

अवैध कॉलोनियों का जाल
लोनी में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। आरोप है कि नेताओं, अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा है। इन कॉलोनियों में न सड़क है, न नाली, न पेयजल और न ही सीवरेज की सुविधा जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि लोनी नगर पालिका विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं है। सफाई व्यवस्था केवल कागजों में दुरुस्त दिखाई देती है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत है। कूड़े के ढेर, जाम नालियां और गंदगी आम दृश्य बन चुके हैं।
जरूरी सेवाएं सवालों के घेरे में
लोनी के सरकारी विद्यालयों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। भवन, शिक्षकों और संसाधनों की कमी के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
ट्रैफिक अव्यवस्था का बोलबाला
लोनी की ट्रैफिक व्यवस्था भी गंभीर समस्या बनी हुई है। नियमों को ताक पर रखकर अवैध वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है, लेकिन कार्रवाई न के बराबर दिखाई देती है।
आवाज़ उठाना बना अपराध
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों का आरोप है कि जो लोग समस्याओं को उजागर करने का प्रयास करते हैं, उन्हें डराने-धमकाने या फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश की जाती है। इससे क्षेत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता की निगाहें शीर्ष नेतृत्व पर
लोनी की आम जनता की उम्मीदें अब प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।


