गाजियाबाद: जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास को गति देने के लिए प्रशासन ने तीन गांवों में आधुनिक पंचायत घर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंचायती राज विभाग को प्रत्येक पंचायत घर के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इन भवनों में ग्राम प्रधान कक्ष, सचिव कक्ष, पुस्तकालय, इंटरनेट सुविधा और बैठक हॉल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं स्थापित की जाएंगी।
मिली जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद को तीन पंचायत घरों के निर्माण का लक्ष्य मिला है। इनमें लोनी विकासखंड की दो पंचायतें निठौरा और सिरोरा सलेमपुर शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पंचायत घर तैयार होने के बाद ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए अब अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं
वर्तमान में ग्रामीणों को पेंशन, राशन कार्ड, प्रमाणपत्र, शिकायत निस्तारण और सरकारी योजनाओं के आवेदन जैसे कार्यों के लिए कई बार दूर-दूर जाना पड़ता है। नए पंचायत भवन में ग्राम प्रधान और सचिव का कार्यालय एक ही स्थान पर होने से सभी औपचारिकताएं गांव में ही पूरी की जा सकेंगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
युवाओं को मिलेगा पुस्तकालय व इंटरनेट का लाभ
पंचायत घर में पुस्तकालय और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे गांव के छात्र-छात्राओं और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और ई-गवर्नेंस सेवाओं का उपयोग अब गांव से ही हो सकेगा।
अधिकारी बताते हैं कि इंटरनेट सुविधा मिलने से ग्रामीणों को सरकारी पोर्टल, ऑनलाइन योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना काफी आसान हो जाएगा।
सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों का भी होगा आयोजन
नया पंचायत घर सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेगा। यहां सरकारी बैठकों, जागरूकता कार्यक्रमों और ग्राम सभाओं के साथ-साथ अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा सकेगा। ग्रामीणों को पहली बार गांव में ही ऐसा स्थान मिलेगा जहां वे बड़ी संख्या में एकत्र होकर भाग ले सकेंगे।
प्रशासन का दावा है कि इन पंचायत घरों के निर्माण से ग्रामीणों को न केवल प्रशासनिक सुविधा मिलेगी, बल्कि गांवों में डिजिटल और सामाजिक विकास भी तेज़ी से आगे बढ़ेगा।


