नई दिल्ली: नेपाल के सेंट्रल बैंक ने गुरुवार को 100 रुपए का नया करेंसी नोट जारी किया है। इस नोट में नेपाल का नया राजनीतिक नक्शा शामिल किया गया है, जिसमें भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इलाकों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। नए नोट के जारी होते ही सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है और कूटनीतिक स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
NRB का बयान
नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) के प्रवक्ता के अनुसार 100 रुपए के नोट पर पहले भी देश का नक्शा होता था, लेकिन अब इसे सरकार द्वारा 2020 में जारी किए गए नए राजनीतिक नक्शे के अनुसार अपडेट किया गया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि- केवल 100 रुपए के नोट पर ही नक्शा छापा गया है। 10, 50, 500 या अन्य नोटों पर कोई नक्शा नहीं है।
क्या है नए नोट का डिज़ाइन
नए जारी किए गए नोट में कई नए विजुअल शामिल किए गए हैं- बाईं तरफ माउंट एवरेस्ट की तस्वीर, दाईं तरफ नेपाल के राष्ट्रीय फूल Rhododendron का वॉटरमार्क, बीच में हल्का हरा नेपाल का राजनीतिक नक्शा, जिसमें विवादित क्षेत्र शामिल, नक्शे के पास अशोक स्तंभ, जिस पर “लुंबिनी- भगवान बुद्ध का जन्मस्थान” लिखा है, नोट की पिछली ओर एक सींग वाले गैंडे की तस्वीर है। नेपाल का यह नक्शा वही है जिसे मई 2020 में KP शर्मा ओली की सरकार ने जारी किया था और संसद से मंजूरी दिलाई थी।
क्या है विवाद की जड़
विवाद उस नक्शे को लेकर है जिसमें शामिल क्षेत्र (लिपुलेख, कालापानी, लिंपियाधुरा) उत्तराखंड में स्थित हैं और भारत प्रशासनिक रूप से दशकों से इन पर नियंत्रण रखता है। नेपाल का दावा है कि ये क्षेत्र उसके ऐतिहासिक नक्शों में दर्ज हैं, जबकि भारत इसे पूरी तरह गलत बताता आया है।
भारत ने 2020 में नेपाल के इस कदम को “ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों से परे” बताया था और काठमांडू को ऐसे एकतरफा निर्णयों से बचने की सलाह दी थी।
भारत-नेपाल सीमा: भूगोल और रणनीतिक महत्व
नेपाल की सीमा भारत के पाँच राज्यों- सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से लगती है। जिसकी कुल लंबाई 1,850 किमी है। लिपुलेख और कालापानी का इलाका भारत-नेपाल-चीन त्रिकोणीय क्षेत्र के पास होने के कारण सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
नए नोट के बाद बढ़ सकती है कूटनीतिक हलचल
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल के इस कदम के बाद भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने की संभावना है। सीमा विवाद पहले से ही दोनों देशों के रिश्तों में संवेदनशील मुद्दा रहा है और नया करेंसी नोट इसे एक बार फिर उभार सकता है।
निष्कर्ष
नेपाल का नया 100 रुपए का नोट एक आर्थिक दस्तावेज भर नहीं है बल्कि एक ऐसे नक्शे का प्रतिनिधित्व करता है जिसने 2020 के बाद से ही भारत-नेपाल संबंधों में विवाद पैदा किया है। नए नोट के सामने आते ही यह मामला फिर चर्चा में है और यह देखना होगा कि दोनों देश इसे किस तरह संभालते हैं।


