कुशीनगर: जनपद के लिए गर्व का क्षण है। कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अंजली सिंह को “विश्वविद्यालय अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार-2025” से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान पंडित दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर जे. पी. सैनी (कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। अतिथियों ने डॉ. अंजली सिंह को प्रशस्ति-पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शोध जिसने दिलाया सम्मान
डॉ. अंजली सिंह का शोध-पत्र- “गामा-किरणों से विकिरणित कालानामक धान में आकारिकी एवं उपज लक्षणों का विश्लेषण: एम-4 एवं एम-5 पीढ़ियों के अवलोकनों पर आधारित” वर्ष 2025 में प्रकाशित उत्कृष्ट शोध-पत्रों की श्रेणी में चयनित हुआ। यह अध्ययन पारंपरिक कालानामक धान की उपज व गुणात्मक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान माना जा रहा है।
अंजली सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि
डॉ. अंजली सिंह प्रारंभ से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की शिक्षा पडरौना स्थित हनुमान इंटरमीडिएट कॉलेज से प्राप्त की, जबकि स्नातकोत्तर की उपाधि गोरखपुर विश्वविद्यालय से हासिल की।
कृतज्ञता और आगे की राह
अपनी उपलब्धि पर डॉ. अंजली सिंह ने अपने शोध-मार्गदर्शक के प्रति आभार व्यक्त किया और माता-पिता, परिवारजनों व जीवनसाथी के सहयोग को सफलता की नींव बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें और अधिक समर्पण के साथ कृषि अनुसंधान को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगा।
समारोह के बाद जनपद व प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों ने डॉ. अंजली सिंह को हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।


